शहर ए वक़्त ए यार के हालात बदले से हैं
इन पुराने चेहरों के सवालात अब बदले से हैं।
आज साजन की याद आई है चलते हुए
शह ओ मात के खेल में अब सारे बिसात बदले से हैं।।
वो रंग जुनूं वो चैन सुकूँ अब कहाँ पहले से है।
शक है हमें की हम भी कुछ बदले से हैं।।
तुम वफ़ा जफा कसमों वादों की बात करते हो
इस शहर के तो परिंदों के मिजाज़ भी बदले से हैं।।
ना वो वो रहा ना रहा मेरा मुझमे कुछ बांकी
कुछ तस्वीरें ही है जो ज़ालिम पहले से हैं।
एक रहनुमा सा हुआ करता था इन उलझन भरी राहों में "शेत"
उलझन पहले से हैं रहनुमा ही हैं जो बदले से हैं।।
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